कैसे तय करें कि किराए के घर में रहें या खुद का खरीदें ?


जब लम्बे समय के लिए घर खोजने की बात आती है, तो हम देखते हैं कि बेहतर क्या है – किराए के घर में रहना या घर खरीदना  – और किसी को भी चुनने से वो सभी वजहें जिन पर विचार करना चाहिए।

जब, किराए पर रहने की तुलना में अपने खुद के घर में रहने की बात आती है, तो लोग वकालत करते हैं, अक्सर वे यह कहते हैं कि घर किराये पर लेने की तुलना में खुद के घर की लागत कम होती है। जो लोग घर के मालिक हैं, वे उससे मिलने वाली स्वतंत्रता का हवाला देते हैं|  खुद का घर का होना अक्सर हर भारतीय का सपना होता है, हाल के दिनों में आसमान छूती प्रोपर्टी की कीमतों ने लोगों को घर खरीदने के बजाय किराए पर घर लेने पर मजबूर कर दिया है | 

युवा अपने शुरुआती कैरियर में घर खरीदने पर विचार कर सकते हैं, अगर उन्हें किसी विशेष शहर में रहना है| शुरूआत में  ईएमआई (EMI) की व्यवस्था करना मुश्किल लगता है लेकिन 5 से 10 साल बाद जब उनकी सैलरी बढ़ जाती है, तब भी ईएमआई (EMI) वैसी ही रहती है जो कि आपके सेलरी की तुलना में कम अनुपात में होती है । और यही नहीं प्रोपर्टी की कीमत में भी कई गुना वृद्धि हो जाती है।

बहुत से राज्यों में मकान मालिक सिर्फ कुछ तय सालों तक किराएदारों को रखते हैं| क्योंकि, मकान मालिकों को हमेशा इस बात का डर बना रहता है कि कानून द्वारा दी गई कमजोर सुरक्षा के कारण किरायेदार उनके घर पर कब्जा कर सकते हैं। कम ब्याज दरों और सब्सिडी से पहली बार बहुत लोगों  को अपना घर खरीदना अब संभव हुआ है|

खुद का घर बनाम किराए का घर: आर्थिक आधार

केस 1: मान लेते हैं कि 3- बीएचके किराये के घर में एक व्यक्ति रहता है और हर महीने 20,000 रुपये का किराया देता है। हर साल औसतन पाँच प्रतिशत किराया बढ़ जाता है।

केस 2: एक व्यक्ति 3-बीएचके का घर 20 साल के लिए होम लोन पर 40 लाख रुपये में खरीदता है।

मान लीजिए की वह व्यक्ति 40 वर्षों तक उस घर में रहता है, तो वित्तीय गणना (फाइनेंशियल कैलकुलेशन) को देखें:

विस्तार मेंहिसाब
केस 1  (किराए पर रहना )
माना  कि (प्रति माह) किरायारु 20,000
किराए में वृद्धि  (प्रति वर्ष)5%
20  वर्ष के बाद संभावित किराया(प्रति माह) रु40000
40 वर्ष के बाद संभावित किराया(प्रति माह) रु80000
40 वर्षों में भुगतान हुआ2.9 करोड़ रुपये
केस 2  (अपने घर में रहना)
माना कि होम लोन40  लाख रुपये
कार्यकाल20 साल
ब्याज दर8.3%
ईएमआईरु34,200
20  वर्षों में कुल लगभग82 लाख रुपये दिए गए  
घर के मालिक ने 40 वर्षों में किराए की बचत  (पिछले 20 वर्षों में किरायेदार द्वारा दिया गया ज़्यादा किराया)2.1 करोड़ रुपये

इस उदाहरण में, पूरे जीवन के लिए किराये पर रहने की लागत, अपने घर में रहने की तुलना में बहुत अधिक होगी। इसके अलावा, घर की कीमत  भी समय के साथ बढ़ जाती है, जबकि, किराये के घर में हमको इस तरह का कोई फायदा नहीं मिलता है।

क्यों किराए के घर से अपना घर अच्छा विकल्प है:

  • अपने घर को किराये पर देने या पेईंग गेस्ट रखने से अतिरिक्त धन मिल  सकता है |
  • कुछ समय  के लिए किराया,  ईएमआई की तुलना में सस्ता लगता है | लेकिन लम्बे समय में  किराया घर की कीमत से कहीं अधिक होगा और किराए के पैसे वापस वसूल नहीं किये जा सकते |
  • घर का मालिक घर को गिरवी रख सकता है, लेकिन किरायेदार अपने किराए के घर को गिरवी नही रख सकता है |
  • घर के मालिक  के कहने पर किरायेदार को किसी भी समय किराए का घर खाली करना पड़ सकता है |

तो सोच क्या रहें हैं ? अगर आप भी चंडीगढ़ के आसपास अपना घर खरीदना चाहतें हैं तो हम दिलवाएंगे 
आपको सबसे ज्यादा डिस्काउंट में आपके मनपसंद जगह पर आपके पसंद का फ्लेट.

अभी कॉल करें 9805015048, 9876406192


No comments:

Post a Comment